संगठन व कुटुम्ब-
मोर्चे के सभी साथियों की सूची बहुत बड़ी है। नीचे नाम , स्थान व कार्यक्षेत्र की जानकारी आती जायेगी।
यदि आपको महसूस हो रहा है कि जीवन की सार्थकता , भारत को पुनः जागृत व शक्तिमान बनाने में है, तो आज ही जुढ़ें।
भारत स्वराज मोर्चा तीन स्तर पर व्यवस्थित है।
पहला बाहरी गोला है – भारत का कुटुम्ब
हर व्यक्ति जो अपने या अपनी संस्था के माध्यम से भारत के लिये संघर्षरत है, वह औपचारिक या अनौपचारिक रूप में इस कुटुम्ब में है।
आप कर्मयोगी रहते हुए, अपने प्रयास साझा दिशा में करते हुए , उत्तिष्ठ भारत स्वराज कुटुम्ब से जुढ़े रहकर , अपने कार्य की जानकारी साझा करते रहते हैं।
हमको जहां लगेगा किसी व्यक्ति को या प्रेरणा के लिये आपसे जोढ़ना है , तो संपर्क करेंगे।
कृपया अपना या संस्था या समूह कि परिचय दे दें ।
औपचारिक रूप में आप उस ज्ञान, मठ, परंपरा, गाय, गांव , आदि आदि का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इसके अलावा आप मार्गदर्शन भी कर सकते हैं । आप मंथन शिविरों के माध्यम से जागृति ला सकते हैं।
पहले गोले यानि जो कर्मयोगी, मार्गदर्शक हैं , वह सामान्य संकल्प को मानकर चलेंगे।
सामान्य संकल्प
" हम, भारत की व्यवस्था का नव निर्माण करेंगे, जिससे भारत इस वैव्श्रिक शोषण जाल से निकलकर अपनी नियति को साकार करे। "
इसका भावार्थ है कि – ” हम, भारत को (यानि उसकी व्यवस्था को), भारत की निहित शक्ति (यानि मानवता, सभ्यतागत ज्ञान, संस्कृति व संपदा) के अनुसार, और विज्ञान के सही उपयोग से, नव निर्माण करना चाहते हैं, जिससे भारत इस वैव्श्रिक शोषण जाल से निकलकर अपनी नियति को साकार करे, और विश्व को भी इस पतन से बचाने का रास्ता दिखाए। ”
दूसरा गोला है : प्रभारियों का
(संगठन और कुटुम्ब, समाज के बीच समन्वय के लिये )
प्रभारी के कार्य,
– अपने प्रभार क्षेत्र -एक विषय, वर्ग, क्षेत्र – में भारत स्वराज मोर्चे के संवाद करना, ताकि हर जगह यह समझ पहुंचे कि भारत के माध्यम से ही समस्याओं का हल होगा।
– इस कुटुम्ब का प्रसार
– अपना स्थान लेने को प्रभारी तैयार करना
प्रभारी का कार्यक्षेत्र, उनकी स्वयं की रुचि अनुसार व संयोजक समिति की अनुशंसा से तय होगा।
प्रभार का मूल उद्देश्य प्रभारी को भी जिम्मेदारी के माध्यम से भविष्य में सामाजिक नेतृत्व के लिये तैयार करना है।
प्रभारी का कार्यक्षेत्र की सीमा, भारत कि विस्तार व विविधता देखते हुए, अनेकों तरह से तय हो सकती है , उदाहरण जैसे-
– पुणे का प्रभार
– पुणे में विकलांग वर्ग
– भारत में लघु उद्योग
– बेरोजगार युवा
इत्यादि।
प्रभारी को वरिष्ठ प्रभारियों के मार्गदर्शन में टारगेट सहित कार्य मिलेगा। इसके लिये हफ्ते में नयूनतम 3-4 घण्टा देना होगा।
प्रभारी सामान्य संकल्प को मानकर चलेंगे।
तीसरा गोला है संयोजन का
संयोजक
– विभिन्न कार्यक्रमों का संयोजन व संचालन
– संयोजक की जिम्मेदार व नियुक्ति , कार्यकारिणी द्वारा ही की जायेगी।
कार्यकारिणी व संपूर्ण अध्यक्ष की नियुक्ति , समस्त ‘संकल्पित’ भारत कुटुम्ब द्वारा ही की जायेगी। इसके लिये व्यवस्थित आनलाइन सिस्टम बन रहा है।
संयोजक, कार्यकारिणी या संकल्पित उत्तिष्ठ भारत कुटुम्ब सदस्य को विशेष संकल्पबद्ध होना होगा।
विशेष संकल्प
” मैं, भारत को (यानि उसकी व्यवस्था को), भारत की निहित शक्ति (यानि मानवता, सभ्यतागत ज्ञान, संस्कृति व संपदा) के अनुसार, और विज्ञान के सही उपयोग से, नव निर्माण करना चाहता हूं, जिससे भारत इस वैव्श्रिक शोषण जाल से निकलकर अपनी नियति को साकार करे, और विश्व को भी इस पतन से बचाने का रास्ता दिखाए।
मैं , हर संभव प्रयास करूंगा कि
– वही उपभोग करूं जिससे भारत के शोषित वर्ग को समर्थन मिले, या भारतीय स्वास्थ्य व लघु उद्योग को प्रोत्साहन मिले। ऐसे उपभोग में मैं अपनी लाभ हानि की चेष्ठा नहीं करूंगा।
– सतत् प्रयास करूंगा कि भारत स्वराज मोर्चे को अधिक से अधिक लोग समझें व उठायें।
– किसी भी संगठन या संस्था में कार्य करते हुए भी, इस संकल्प का पालन करूंगा। तथा विरोधाभास होने पर या कार्यकारिणी के आग्रह पर ऐसे कार्य या संस्था या समूह को त्याग दूंगा। ”
Please note all roles/ categories are non hierarchical, subject to change/distribution/ more devolution as we evolve, non remunerative, AND expect discipline and consistent progress.
As on 1st May, 2026:
Number of persons in Central Coordination : 7
Number of persons with Prabhar : 12
Number of persons to be assigned Prabhar: 19
Number of persons who stand with the morcha and evaluating where to be assigned working : 40
Number of persons in discussion for roles : 140
Number of pledged supporters: 162
Number of persons who have been appreciating this: 1400
Total identified/ first network folks to be connected who are walking on the same path but not aware of the Bharat Morcha yet : 31550
Coordination Team:
-Sandeep Saxena
– Sanjeev Mishra
– AVSB Shankar
-Aaryaman Pundalik
– Mukesh Tekam
– Kishore Waikar
Organizational Prabhari / Location/ Charge:
| Prabhar | Person Name | Location | |
| 1 | Tribals | Mukesh Tekam | Sohagpur |
| 2 | Viklangs/ handicapped | Subhash Dixit | Varanasi |
| 3 | Pune | Aaryaman Pundalik | Pune |
| 4 | Global Disapora | AVSb Shankar | France |
| 5 | Uttar Pradesh | Sanjeev Mishra, | Prayagraj |
| 6 | Loan distress | Mukesh Tekam (temp) | Sohagpur |
| 7 | Small scale Industrialists | Manmohan Vyas, | Babai |
| 8 | Farmer Issues | Rajesh Verma | Pipariya |
| 9 | Cow sevaks | Arvind Sikarwar, | Vrindavan |
| 10 | Vaidyas, Forests, Ganga and Himalyan region | Sandeep Saxena | Sohagpur |
| 11 | Antyodaya | Sandeep Saxena | Sohagpur |
| 12 | Madhya Pradesh | Kishore Waikar, | Bhopal |
| 13 | Unattached labor | NarendraSahu | Sukhi Sewaniya |
| 14 | Delhi | Sweety Saini | Ghaziabad |
List of Prabhars pending:
⦁ Region/ state wise
⦁ Human Networks wise:
⦁ Women , Transgender, Handicapped
⦁ Tribals, Antyodaya, Youth
⦁ Alumni groups
⦁ Religious and social institutions, political groupings, local efforts and influencers
⦁ Livelihood wise:
⦁ Urban migrated Labor, farmer, Small scale industrialists, Rural labor, Teachers, doctors, small traders
⦁ Distress wise:
⦁ Loan distress
⦁ Health costs distress
⦁ Unemployment
⦁ Vaidyas, parihars
⦁ Cow sevaks
⦁ Ganga
⦁ Major rivers
⦁ Aravali, hansdev and forests
⦁ Animals
⦁ Himalayas
TOOLKIT VIDEOS: A. Eye Opening topics: ⦁ Money system ⦁ Laws ⦁ Technology possibilities ⦁ Problem chart ⦁ Common myths to control ⦁ Bharat ⦁ Why Bharat Morcha B. Training topics: ⦁ Decoding a Bhartiya mind ⦁ Connecting to the person / group ⦁ Taking group sessions ⦁ About Bharat Morcha - what can one do